हरबंस मुखिया की नज्में

हरबंस मुखिया हरबंस मुखिया का जन्म 1939 में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से इन्होने 1958 में  बी. ए. किया। जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग से 1969 में अपना शोध कार्य पूरा किया। देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नयी दिल्ली के ‘सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज’ में मध्यकालीन इतिहास के प्रोफ़ेसर रहे। […]

विजय गौड़ की कहानी – ‘मासिक प्रीमियम’.

विजय गौड़ विजय गौड़ कवि और आलोचक होने के साथ-साथ एक बेहतर कहानीकार भी हैं. अपनी नयी कहानी ‘मासिक प्रीमियम’ में विजय ने मदान दम्पत्ति के माध्यम से आज के बाजारवादी समय की उन चालाकियों को उभारने का सफल प्रयास किया है, जो अपनों को भी उस जाल में फांसने से नहीं चूकती. जिसमें अपने […]

सुशील कुमार का आलेख ‘कविता में विचार-तत्व : कुछ नोट्स’

सुशील कुमार परिचय §    जन्म– 13/09/1964. पटना सिटी (बिहार) में। §  सम्प्रति मानव संसाधन विकास विभाग, रांची (झारखंड)  में कार्यरत। § §  प्रकाशित कृतियां– §  कविता–संग्रह – कितनी रात उन घावों को सहा है (2004),  तुम्हारे शब्दों से अलग (2011), जनपद झूठ नहीं बोलता  (2012) §  कविताएं और आलेख साहित्य की मानक-पत्रिकाओं व अंतर्जाल–पत्रिकाओं में […]

कैलाश बनवासी की कहानी ‘गुरु-ग्रन्थि’।

कैलाश बनवासी प्रगतिशीलता का दिखावा करने वाले लोग भी अक्सर रुढ़िवादी और अन्धविश्वासी होते हैं। ऐसे लोग अपनी प्रगतिशीलता की आड़ में अपने पिछड़ेपन को छुपाये रहते हैं। समाज में ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं। कहानीकार कैलाश बनवासी ने अपनी इस कहानी ‘गुरु ग्रंथि’ में इसी विषय को आधार बनाया है। कहानी अपनी प्रवहमानता […]

प्रत्यूष चन्द्र मिश्रा की कविताएँ

प्रत्यूष चन्द्र मिश्रा जन्म-तिथि – 01/03/1981 शिक्षा- एम.ए., बी.एड.,पी-एच.डी. (अर्थशास्त्र) व्यवसाय- सरकारी सेवा प्रकाशन – तद्भव, वागर्थ, नया ज्ञानोदय, बया, परिकथा, कादम्बिनी, शुक्रवार, यात्रा, कथादेश, समयांतर, हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, प्रभात खबर, दैनिक-भास्कर, जनपथ, चौथी दुनिया, गुंजन, कविता-प्रसंग आदि पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ, आलेख व टिप्पणियां प्रकाशित. राष्टीय-प्रसंग में समकालीन कवियों पर श्रंखला, जनपथ पत्रिका में स्तम्भ […]

रूचि भल्ला की कविताएँ

रूचि भल्ला जीवन में तमाम गलतियाँ होती रहती हैं लेकिन मनुष्य इसीलिए मनुष्य है कि वह इन गलतियों से सबक लेने की कोशिश करता है. गलतियों से सीखता है. यही नहीं अहसास होने पर माफी भी माँग लेता है. रूचि भल्ला की माफीनामा कविता इसी तरह की कविता है जिसमें वह उन मासूम बच्चों से […]

प्रोफ़ेसर लाल बहादुर वर्मा का आलेख – ‘आओ अंबेडकर से प्यार करें’।

लाल बहादुर वर्मा प्रख्यात इतिहासकार प्रोफ़ेसर लाल बहादुर वर्मा के आलेखों का एक सिलसिला हमने पहली बार पर पिछले दिनों आरम्भ किया था। इस कड़ी में दो आलेख पहले ही प्रस्तुत किये जा चुके हैं जिसे पाठकों के बीच अपार लोकप्रियता मिली। इसी कड़ी को आगे बढाते हुए हम प्रस्तुत कर रहे हैं प्रोफ़ेसर लाल […]

श्रद्धा थवाईत की कहानी ‘हवा में फड़फड़ाती चिट्ठी

श्रद्धा थवाईत परिचय- पिता का नाम- श्री सत्येन्द्र कुमार चौरसिया पति का नाम- श्री रवि नेताम जन्म तिथि- ०१/०१/१९७९ जन्म स्थान- जांजगीर, छत्तीसगढ़ वर्तमान निवास- रायपुर, छत्तीसगढ़ शिक्षा- एम.एस.सी. (वनस्पतिशास्त्र), बी.एड., एम.ए. (लोक प्रशासन) रुचियाँ- साहित्य के अध्ययन एवं  लेखन में रूचि, सम्प्रति- राज्य वित्त सेवा अधिकारी, छत्तीसगढ़ अपने आस पास की शान्ति देख कर […]

अन्तोन चेखव की अनुदित कहानी दुःख। (अनुवादक : सुशांत सुप्रिय)

अन्तोन चेखव मनुष्य इसलिए भी और जीवधारियों से अलग है क्योंकि वह अपना दुःख अपनी खुशी एक दूसरे के साथ बाँटना चाहता है। परिचित हो या अपरिचित दुःख बाँट कर वह खुद को हल्का महसूस करने लगता है। लेकिन कभी-कभी लोगों में इतना बेगानापन दिखाई पड़ता है कि वे दूसरों की बातें बिल्कुल ही सुनना […]

कमलजीत चौधरी के कविता संग्रह पर रश्मि भारद्वाज की समीक्षा ‘‘भूख और कलम अब भी मेरे पास है’ : भाषा का सौम्य औज़ार लिए अपने समय से जूझती कविताएँ।

रश्मि भारद्वाज अपनी प्रारम्भिक कविताओं से ही ध्यान आकर्षित करने वाले युवा कवि कमलजीत चौधरी का पहला कविता संग्रह दखल प्रकाशन से छप कर आया है – ‘हिन्दी का नमक।’ इधर के छपे कविता संग्रहों में यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कमलजीत ने अपने इस पहले संग्रह में ही अपनी भाषा और शिल्प को […]