मीता दास की कविताएँ

मीता दास राष्ट्रवाद के मसले को ले कर गांधीजी और रवींद्र नाथ टैगोर के विचार बिलकुल अलग-अलग थे। दोनों की अपनी अपनी संकल्पनाएँ थीं। जालियांवाला बाग़ हत्याकांड मुद्दे पर आक्रोश जताते हुए रवींद्र नाथ ने अपनी नाईटहुड की उपाधि लौटा दी थी। देशभक्ति कैसे फासीवाद और नाजीवाद का रूप ले लेती है इसे देखना हो […]

सोनी पाण्डेय की कहानी ‘प्रतिशोध’।

सोनी पाण्डेय इतिहास को अपनी तरह से व्याख्यायित और स्पष्ट करने का काम साहित्य बखूबी करता है। यह साहित्य ही होता है जो इतिहास द्वारा छोड़ या उपेक्षित कर दी गयी बातों और घटनाओं को रेखांकित करने का काम बखूबी करता है। इतिहास गवाह है कि पुरुषों की सहचरी होने के बावजूद स्त्रियाँ उन अनेकानेक […]

मुसाफ़िर बैठा की कविताएँ

मुसाफिर बैठा # कविता, हाइकू, कहानी, लघुकथा, आलेख/निबन्ध, आलोचना, पुस्तक समीक्षा विधाओं में रचनाएं (पत्र पत्रिकाओं में) प्रकाशित। # दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से कविता, आलेख (वार्ता) एवं कहानी प्रसारित। दूरदर्शन पर ‘बीच बहस में‘ (सीधा प्रसारण) एवं अन्य वैचारिक बहस के कार्यक्रमों में भी शिरकत। # आद्री एवं दीपयतन नामक संस्थाओं की कार्यशालाओं में भाग […]

प्रणय कृष्ण का यह आलेख : ‘एक खुली किताब है राजेन्द्र कुमार का जीवन’

इलाहाबाद की पहचान एक लम्बे अरसे से भारत की साहित्यिक राजधानी के रूप में रही है. इस पहचान को बनाने में यहाँ के उन साहित्यकारों की विशिष्ट भूमिका रही है जिन्होंने अपने जीवन में प्रतिबद्धता बनाए रखी. प्रोफ़ेसर राजेन्द्र कुमार उनमें से एक हैं. प्रोफ़ेसर राजेन्द्र कुमार के जीवन पर एक नजर डाली है प्रणय […]

रमेश उपाध्याय की कहानी ‘काठ में कोंपल’

  रमेश उपाध्याय अपने समय के परिप्रेक्ष्य और संदर्भ को साहित्य किस तरह बयाँ करता है इसे जानने के लिए आपको रमेश उपाध्याय की इस कहानी से रु-ब-रु होना पड़ेगा। ‘काठ में कोंपल’ जैसा कि नाम से ही द्योतित हो रहा है उन उम्मीदों की कहानी है जो खराब से खराब परिस्थितियों में भी अपने […]

प्रोफ़ेसर लाल बहादुर वर्मा का आलेख ‘जिंदगी है तो उम्मीद भी’।

स्टीफन हाकिंस के नाम से कौन परिचित नहीं होगा। दुनिया का यह सर्वश्रेष्ठ भौतिकविद अपने जीवट के दम पर आज जीते-जी ही एक किंवदंती बन चुका है। हाल ही में स्टीफन के जीवन पर एक बायोपिक फिल्म बनी है – ‘द थियरी ऑफ एव्रीथिंग’। इस असाधारण फिल्म को जेम्स मार्श ने निर्देशित किया है। फिल्म […]