हिमतरु साहित्यिक विशेषांक की प्रद्युम्न कुमार सिंह द्वारा की गयी समीक्षा

युवा कवि प्रद्युम्न कुमार सिंह ने हिमतरू के उस साहित्यिक विशेषांक को पढ़ कर एक टीप लिखी है जो युवा कवि गणेश गनी पर केन्द्रित किया गया था। गद्य-लेखन से ही किसी भी रचनाकार की भाषिक समृद्धता और सम्पन्नता का आंकलन किया जा सकता है। इस क्षेत्र में प्रद्युम्न अभी नवागत हैं और अपने को […]

नववर्ष पर जर्मन भाषा के कवियों की चुनिन्दा कवितायेँ

नव वर्ष पर जर्मन भाषा के कुछ कवियों की चुनिन्दा कविताएँ प्रतिभा उपाध्याय ने अनुवाद कर पहली बार के लिए उपलब्ध कराया था लेकिन कुछ व्यक्तिगत एवं तकनीकी दिक्कतों के चलते मैं इसे नव वर्ष के आरम्भ में नहीं लगा पाया था. लेकिन हमारे यहाँ तो पूरे जनवरी नव वर्ष की बधाईयाँ देने का चलन […]

राजकिशोर राजन की कविताएँ

युवा कवि राजकिशोर राजन का एक नया कविता संग्रह ‘कुशीनारा से गुजरते’ हाल ही में बोधि प्रकाशन से आया है।  हम इस संग्रह की कविताएँ आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं। इन कविताओं के साथ कवि की अपनी बातें इस संग्रह और कविताओं के बारे में हैं। तो आइए रु-ब-रु होते हैं राजकिशोर राजन की […]

आशीष मिश्र का आलेख ‘ये जो हमारा क्षयग्रस्त जीवन है’

मन्नू भण्डारी                 पाखी का मन्नू भण्डारी पर केन्द्रित अंक अभी-अभी प्रकाशित हुआ है। इस अंक में एक आलेख युवा आलोचक आशीष मिश्र का भी है। हम पहली बार के पाठकों के लिए इसे यहाँ पर प्रस्तुत कर रहे हैं। तो आइए पढ़ते हैं आशीष मिश्र का यह आलेख ‘ये जो हमारा क्षयग्रस्त जीवन है।’  […]

चैतन्य नागर का आलेख ‘दुःख का डी एन ए’

चैतन्य नागर दुःख मानव जीवन एक ऐसा सत्य है जिस पर समय-समय पर अनेक महान विभूतियों ने चिन्तन-मनन किया है। इस क्रम में बुद्ध का चार आर्य सत्य काफी ख्यात है। इस क्रम में दुःख पर विपुल मात्रा में लेखन किया गया है। चित्र हों या मूर्ति-कला; कहानी हो या कविता सबमें दुःख मानव जीवन […]

बांदा कार्यशाला (2-4 अक्टूबर, 2015 ) की रपट

बाँदा के बड़ोखर खुर्द गाँव में बीते 2 से 4 अक्टूबर, 2015 के बीच ‘आंबेडकरवाद और मार्क्सवाद : पारस्परिकता के धरातल‘ विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में देश भर से आये प्रतिभागियों ने भाग लिया था। इस कार्यशाला की रपट का पहला भाग आप पिछले महीने पढ़ […]

प्रदीप त्रिपाठी की कविताएँ

प्रदीप त्रिपाठी जन्म-  7 जुलाई, 1992       शैक्षणिक योग्यता- एम.ए. हिन्दी (तुलनात्मक सा.), एम.फिल. हिन्दी (तु.सा.), लोक-साहित्य, एवं कविता–लेखन में विशेष रुचि   संप्रति-   साहित्य विभाग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा, पी-एच. डी. में शोधरत/ डेली न्यूज ऐक्टिविस्ट में साप्ताहिक लेखन प्रकाशित रचनाएँ- विभिन्न चर्चित पत्र-पत्रिकाओं (दस्तावेज़, अंतिम जन, परिकथा, कल के लिए, वर्तमान […]

दीपेन्द्र सिवाच का आलेख ‘विदा सहवाग, खेल के मैदान से अलविदा

वीरेन्द्र सहवाग भारत में क्रिकेट का खेल अत्यन्त लोकप्रिय है। क्रिकेट के खिलाड़ियों को यहाँ पर लोग अत्यन्त सम्मान के साथ देखते मानते हैं। हमारे यहाँ क्रिकेट खिलाड़ियों की लोकप्रियता से फ़िल्मी सितारे और राजनेता तक रश्क करते हैं। वीरेन्द्र सहवाग ऐसे ही खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्हें क्रिकेटप्रेमी जनता में बेशुमार प्यार किया। […]

रवीन्द्र कालिया की कहानी ‘नौ साल छोटी पत्नी’

  रवीन्द्र कालिया हरदिल अजीज कालिया जी 9 जनवरी 2016 को नहीं रहे। एक लम्बी बीमारी के बाद दिल्ली के अस्पताल में कालिया जी का निधन हो गया। साठोत्तरी कहानी के चारों यारों में उम्र में सबसे छोटा यार सबको रुला के चल पड़ा। कालिया जी की एक खासियत थी चहरे पर हमेशा बनी रहने […]

लाल बहादुर वर्मा को प्रथम ‘शारदा देवी स्मृति सम्मान’

प्रोफ़ेसर लाल बहादुर वर्मा दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने जीवन में ही संस्था बन जाते हैं। प्रोफ़ेसर लाल बहादुर वर्मा एक ऐसी ही शख्सियत हैं जिन्हें किसी एक दायरे में बाँध कर नहीं देखा जा सकता। भले ही रोजी रोटी के लिए उन्होंने इतिहास के अध्ययन अध्यापन में अपना जीवन बिताया […]