सर्वेन्द्र विक्रम के कविता संग्रह ‘दुःख की बन्दिशें’ पर विशाल श्रीवास्तव की समीक्षा

कवि सर्वेन्द्र विक्रम का हाल ही में एक महत्वपूर्ण कविता संग्रह ‘दुःख की बन्दिशें’ प्रकाशित हुआ है। इस संग्रह की एक समीक्षा लिखी है युवा कवि विशाल श्रीवास्तव ने। तो आइए पढ़ते हैं विशाल श्रीवास्तव की यह समीक्षा ‘पीड़ा का मद्धिम बजता हुआ राग’।  पीड़ा का मद्धिम बजता हुआ राग  विशाल श्रीवास्तव ‘‘नदी में बहता […]

शिव प्रकाश त्रिपाठी का आल्हा

शिव प्रकाश त्रिपाठी   जन्म- 27 सितम्बर 1988 स्थान-उत्तरप्रदेश के बाँदा जिले की बबेरू तहसील में किसान परिवार में शिक्षा- स्नातक एवं परास्नातक इलाहाबाद विश्वविद्यालय           शोधकार्य (हिंदी साहित्य), कुमाऊँ वि० वि०, नैनीताल से अनुनाद ब्लॉग एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख एवं कविताएँ प्रकाशित लोकगीत मानवीय मन की सघनतम एवं सहजतम अभिव्यक्ति होते हैं। लोकगीतों […]

राजीव उपाध्याय की कविताएँ

राजीव उपाध्याय जन्म:   29 जून 1985 ,बाराबाँध, बलिया, उत्तर प्रदेश  शिक्षा: एम. बी. ए., पी-एच. डी. (अध्ययनरत)  संप्रति: अध्यापन(दिल्ली विश्वविद्यालय) एवं सहायकसम्पादक (मैना) लेखन: कविता एवं अर्थशास्त्र   प्रकाशन:कविताएँ अटूट बंधन, मेरी चौपाल, प्रतिलिपि, युवाघोष (ई–मैगजीन), स्वयं शून्य, कवितासंसार, हेलो भोजपुरी, दी भोजपुरी, आखर व भोजपुरिका में प्रकाशित। आर्थिकआलेख विभिन्न पत्र–पत्रिकाओं मेंप्रकाशित। टीवी एवं […]

देवेन्द्र आर्य का आलेख ‘हिन्दी ग़ज़ल आलोचना की दिक्कतें’

देवेन्द्र आर्य गज़ल ख़ुद में एक अलहदा और महत्वपूर्ण विधा है। मूलतः फ़ारसी से शुरू हुई इस विधा ने उर्दू से होते हुए हिन्दी तक का एक लम्बा सफ़र तय किया है। मशहूर गीतकार एवं कवि देवेन्द्र आर्य ने हिन्दी ग़ज़ल की दिक्कतों के मद्देनजर यह सारगर्भित आलेख लिखा है। देवेन्द्र आर्य का यह आलेख […]

श्रीराम त्रिपाठी की कहानी ‘दादी, हाथी और मैं’

श्रीराम त्रिपाठी अभी तक हम श्री राम त्रिपाठी की धारदार आलोचना से ही परिचित हैं. शायद कम लोगों को ही यह पता हो कि त्रिपाठी जी ने अपने लेखकीय जीवन की शुरुआत बतौर एक कहानीकार की. इनकी कहानियों में भी हम यह आसानी से देख सकते हैं कि कैसे जीवन की वह ध्वनियाँ यहाँ बारीकी […]

मिथिलेश कुमार राय की कविताएँ

मिथिलेश कुमार राय 24 अक्टूबर,1982 ई0 को बिहार राज्य के सुपौल जिले के छातापुर प्रखण्ड के लालपुर गांव में जन्म. हिंदी साहित्य में स्नातक. सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं व वेब पत्रिकाओं में कविताएं व कहानियाँ प्रकाशित. वागर्थ व साहित्य अमृत की ओर से क्रमशः पद्य व गद्य लेखन के लिए पुरस्कृत. कहानी स्वरटोन पर द इंडियन […]

नित्यानंद गायेन की सात कविताएँ

नित्यानंद गायेन युवा कवि नित्यानंद गायेन की कविता ‘धूप पिघल रही है’ पढ़ते हुए मुझे वरिष्ठ कवि वीरेन डंगवाल की एक कविता है ‘कवि’ की ये पंक्तियाँ याद आयीं – ‘इच्छाएँ आती हैं तरह-तरह के बाने धरे/ उनके पास मेरी हर ज़रूरत दर्ज है/ एक फ़ेहरिस्त में मेरी हर कमज़ोरी/ उन्हें यह तक मालूम है/ […]

सीमा आज़ाद की कहानी ‘लखन कहां का रहने वाला है’

सीमा आज़ाद हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या है – साम्प्रदायिकता। यह समस्या अचानक ही उठ खड़ी नहीं हुई। इसका अपना एक इतिहास है। एक भयावह अतीत है। अतीत में हम इसका दंश भी विभाजन के रूप में भुगत चुके हैं। वास्तव में साम्प्रदायिकता की भावना  हमारे मन मस्तिष्क में कुछ इस तरह भर दी […]

महेश चन्द्र पुनेठा की कविताएँ

महेश चन्द्र पुनेठा कविता लिखने के क्रम में हर कवि के मन में यह सवाल जरुर उठता है कि वह कविता क्यों लिख रहा है? कविता के इस अभिप्राय को ले कर तमाम कवियों ने कविताएँ लिखी हैं। और यह सिलसिला आज भी जारी है। युवा कवि महेश पुनेठा भी इस सवाल से टकराते हैं। […]