प्रज्ञा रोहिणी की कहानी ‘फ्रेम’

प्रज्ञा रोहिणी शिक्षा- दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में पी-एच.डी। जन्म – 28 अप्रैल 1971 प्रकाशित किताबें ‘नुक्कड़ नाटक: रचना और प्रस्तुति’ राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रकाशित। वाणी प्रकाशन से नुक्कड़ नाटक-संग्रह ‘जनता के बीच जनता की बात’। एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा ‘तारा की अलवर यात्रा’। सामाजिक सरोकारों को उजागर करती पुस्तक ‘आईने के सामने’ स्वराज प्रकाशन […]

अनुप्रिया के रेखाचित्र

अनुप्रिया परिचय  नाम–अनुप्रिया जन्म स्थान–सुपौल, बिहारशिक्षा–बी एरूचि–कविता लेखन। पठन–पाठनप्रकाशन–कथाक्रम. परिकथा, वागर्थ, कादम्बिनी, संवदिया, युद्धरत आम आदमी, प्रगतिशील आकल्प, शोध दिशा, विपाशा, श्वेत पत्र, नेशनल दुनिया, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण,  संस्कार –सुगंध, अक्षर पर्व, हरिगंधा, दूसरी परंपरा, लमही, हाशिये की आवाज आदि पत्र–पत्रिकाओं में कवितायेँ निरंतर प्रकाशित। नंदन, स्नेह, बाल भारती, जनसत्ता, नन्हे सम्राट, जनसंदेश टाइम्स, […]

मालचंद तिवाड़ी की ‘बोरून्दा डायरी’ पर संजीव कुमार की समीक्षा

विजयदान देथा  कानपुर से निकलने वाली पत्रिका ‘अकार’ का अभी-अभी एक महत्वपूर्ण अंक आया है. यह अंक इस मायने में महत्वपूर्ण है कि इसमें वर्ष की उम्दा पुस्तकों की समीक्षा महत्वपूर्ण रचनाकारों द्वारा की गयी है. इस अंक के अतिथि सम्पादक युवा कहानीकार एवं आलोचक राकेश बिहारी हैं. इस अंक में मालचंद तिवाड़ी की ‘बोरुन्दा […]

गौतम राजरिशी की कविताएँ

गौतम राजरिशी किसी सैनिक का नाम सुनते ही हमारे मन में उसके लिए एक अलग तरह के मनोभाव उठने लगते हैं. देश के लिए मर-मिटने के लिए हर घडी तैयार रहने वाला वाला ऐसा शख्स जो हमेशा युद्ध की परिस्थितियों में रहता है. जो युद्ध के लिए नियुक्त ही किया जाता है और युद्ध को […]

हरेप्रकाश उपाध्याय के उपन्यास ‘बखेड़ापुर’ पर उमाशंकर सिंह परमार की समीक्षा

हरेप्रकाश उपाध्याय एक सुपरिचित कवि हैं। ‘खिलाड़ी दोस्त और अन्य कविताएँ’ हरेप्रकाश का चर्चित संग्रह है। हाल ही में इनका एक नया उपन्यास प्रकाशित हुआ है – ‘बखेड़ापुर’।यह उपन्यास भारतीय ज्ञानपीठ के नवलेखन पुरस्कार से पुरस्कृत हुआ है। युवा आलोचक उमाशंकर परमार ने इस उपन्यास की एक समीक्षा की है। आइए पढ़ते हैं यह समीक्षा।  […]

सोनी पाण्डेय की कविताएँ

सोनी पाण्डेय सावन भादों साल के ऐसे महीने हैं जब धरती और आसमान बारिस की बूंदों से एकमेक हो जाते हैं। चारो तरफ की धरती हरियाली के अपनत्व से सज जाती है। ऐसे में इस अद्भुत प्राकृतिक परिदृश्य से कवि मन भला कैसे अछूता रह सकता है। सोनी पाण्डेय ने भी इस मौसम पर कविताएँ […]

सुभाष चन्द्र कुशवाहा की पुस्तक ‘चौरी चौरा’ पर हितेन्द्र पटेल की समीक्षा

भारतीय इतिहास में चौरी चौरा की घटना एक ऐतिहासिक प्रस्थान बिन्दु की तरह है। इसी घटना के बाद गाँधी जी अपना पहला महत्वपूर्ण आन्दोलन जिसे हम ‘असहयोग आन्दोलन’ के नाम से भी जानते हैं, स्थगित कर दिया था। गाँधी जी के इस निर्णय की देश भर में कटु आलोचना हुई और देश में क्रांतिकारी आन्दोलन […]

अखिलेश श्रीवास्तव चमन की कहानी ‘अनाम रिश्ता’

अखिलेश श्रीवास्तव चमन आधुनिकता की अंधाधुंध दौड़ में रिश्ते नाते सब छीजते जा रहे हैं। वास्तविकता की जगह अब आभासी दुनिया ने ले ली है। लेकिन साहित्य की तो यही ताकत होती है कि वह हमेशा संवेदनाओं के पक्ष में आ खड़ा होता है। वह रिश्ते नाते को बचाने की क्षीण संभावनाओं को भी उकेर […]

सीमा आज़ाद की कहानी ‘सरोगेट कंट्री’

सीमा आज़ाद पूँजीवाद अपने साथ कई तरह की विकृतियाँ ले कर आता है। जितना ऊपरी चमक दमक इसमें दिखता है अन्दर से उतना ही खोखला होता है। इसमें मानवीय संवेदनाओं के लिए कोई जगह नहीं होती। शोषण इसकी  एकमात्र  प्रवृत्ति होती है। आजकल हमारे प्रधान मंत्री ‘मेक इन इण्डिया’ का जोरोशोर से नारा देते हुए […]

नरेश कुमार खजुरिया की कविताएँ

नरेश कुमार खजुरिया जन्म- जम्मू कठुआ के गाँव कटली में 10 जनवरी 1991 को हिंदी में परास्नातक, सेट परीक्षा उत्तीर्ण, इस समय एम. फिल. कर रहे हैं. लेखन में कविताओं से शुरुआत लोक-मंच जम्मू कश्मीर के सक्रिय सदस्य   नरेश कुमार खजुरिया हिन्दी कविता के मानचित्र में बिल्कुल युवा कवि हैं। यह सुखद है कि यह कवि […]