कैलाश झा किंकर की गज़लें

  कैलाश झा किंकर परिचय कैलाश झा किंकरजन्मः 12 जनवरी 1962शिक्षाः एम. ए., एल-एल. बी.प्रकाशित पुस्तकों में संदेश, दरकती जमीऩ, हम नदी की धार में, देख कर हैरान हैं सब, जिन्दगी के रंग हैं कई प्रमुख हैं। 200 से अधिक पत्र-पत्रिकाओं में गजलें प्रकाशित।कई संस्थाओं से सम्मानित।सम्प्रतिः शिक्षण। दुष्यंत कुमार ने पहली बार हिन्दी ग़ज़ल […]

आरती तिवारी की कविताएँ

आरती तिवारी सृष्टि का अहम् हिस्सा होते हुए भी औरत इस पितृसत्तात्मक समाज में प्रायः उपेक्षा की शिकार रही है। एक जमाने से उसके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता रहा है। इसीलिए औरत को शूद्रों में भी शूद्र कहा जाता है कि चाहें जो भी समाज हो वह औरतों के साथ जुल्म और अन्याय […]

विमल चन्द्र पाण्डेय की कहानी ‘पर्स’

विमल चन्द्र पाण्डेय युवा कथाकार विमल चन्द्र पाण्डेय की एक कहानी ‘पर्स’ अनहद-5 में प्रकाशित हुई है. इस कहानी की पाठकों के बीच अच्छी-खासी चर्चा हो रही है. हमेशा की तरह विमल ने ऐसे कथ्यों के सहारे कहानी की बुनावट की है जो रोचक होने के साथ-साथ प्रासंगिक और यथार्थ भी है. आज की भागदौड़ […]

उमाशंकर सिंह परमार का आलेख ‘हिंदी भाषा का विकास और लोक की भूमिका’

  उमाशंकर सिंह परमार मनुष्य दुनिया का एक मात्र प्राणी है जिसने आपसी संवाद के लिए भाषा ईजाद किया है. यह भाषा भी एक-दो दिन में या अचानक ही नहीं बन गयी अपितु इसके बनने में एक लम्बा समय लगा. किसी भी भाषा के विकास में लोक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. धीरे-धीरे अभिजात वर्ग […]

सुघोष मिश्र की कविताएँ

सुघोष मिश्र जन्म-तिथि- 30 सितम्बर, 1990 शिक्षा – परास्नातक हिन्दी (इ.वि.वि.), जे.आर.एफ. जब भी कोई अपने कविता लिखने की शुरुआत करता है, तभी हमें उसके दृष्टिकोण का पता चल जाता है। कुछ संकोच के साथ वह अपने समय को कविता की भाषा में दर्ज करता चलता है। यह जानते हुए भी कि यह बाजारवादी दौर […]

नीलिमा पाण्डेय का आलेख ‘मार्कण्डेय: व्यक्तित्व एवं कृतित्व’

मार्कण्डेय जी नयी कहानी आन्दोलन के पुरोधाओं में से एक मार्कण्डेय का व्यक्तित्व बहुआयामी था। एक बेहतर कहानीकार होने के साथ-साथ वे एक बेहतर व्यक्तित्व के मालिक भी थे। उनकी विनम्रता के हम सब कायल थे। जो भी उन्हें जानते हैं इस बात से परिचित होंगे कि अंतिम समय तक वे किसी भी आगंतुक की […]

मार्कण्डेय जी के कुछ दुर्लभ फोटोग्राफ्स

आज मार्कण्डेय जी की पांचवीं पुण्यतिथि है. इस अवसर पर प्रस्तुत है एक फोटो फीचर. मार्कण्डेय जी के जीवन के विभिन्न पलों को इन फोटोग्राफ्स में समेटने का यत्न किया गया है. इन बहुमूल्य और दुर्लभ चित्रों को हमें उपलब्ध कराया डॉ. स्वस्ति ठाकुर ने, जो मार्कण्डेय जी की बड़ी पुत्री हैं.       […]

जयपाल सिंह प्रजापति का आलेख ‘एक ‘अग्निबीज़’ इनमें भी है’

  मार्कण्डेय जी आम आदमी खासकर एक गरीब आदमी की पीड़ा और उसकी जलालत भरी जिन्दगी मार्कण्डेय जी की रचनाओं में हमें सहज ही दिख जाती है। इन सबके दिलों में एक गहरा आक्रोश और असंतुष्टि है। मार्कण्डेय की रचनाओं के इस पहलू पर नजर डाली है जयपाल प्रजापति ने। कल 18 मार्च को मार्कण्डेय […]

महाभूत चन्दन राय की कविताएँ

  महाभूत चन्दन राय परिचय जन्म तिथि  : 25.11.1981, स्थान– ग्राम–बैकुंठपुर, जिला–वैशाली, बिहार!  शिक्षा  :  केमिकल इंजीनियरिंग लेखन : स्वतन्त्र लेखन ! कविता, कथा और उपन्यास विधा में समानांतर लेखन! कवितायेँ : उम्मीद”, “कथादेश”, “परिकथा”, “दैनिक जागरण”, “आगाज”,“हिंदी चेतना”, “कृति ओर” “कादम्बनी”, “समालोचन”, “कविताकोश”, “असुविधा”,  “जानकीपुल”, अनुनाद, फर्गुदिया, सिताब–दियारा में प्रकाशित,! कहानी : हंस अगस्त […]

केदार नाथ सिंह के संग्रह ‘सृष्टि पर पहरा’ की आशीष मिश्र द्वारा की गयी समीक्षा

केदार नाथ सिंह  केदार नाथ सिंह का हाल ही में एक नया कविता संग्रह आया है ‘सृष्टि पर पहरा’। इसमें केदार जी अपने पूरे काव्य-रौ में दिखाई पड़ते हैं। अपने आस-पास की चीजों को ले कर ही उसे एक मिथकीय रूप दे देना जैसे केदार जी के कवि को भाता रहा है। यह संग्रह पिछले […]