अनिल जनविजय द्वारा फेसबुक पर संकलित कुछ अनमोल चित्र

चित्र वीथिका  अनिल जनविजय  अनिल जनविजय ने पिछले दिनों अपने फेसबुक वाल पर चित्रों को पहचानने की एक पहेली शुरू की थी. इस पहेली को बूझने में कई मित्रों ने बड़ी दिलचस्पी  दिखाई। वाकई इसमें कई ऐसे भी चित्र थे जो हम सबके लिए धरोहर की तरह हैं। हमें अपने संस्कृति और साहित्य से जुडी […]

रुचि भल्ला की कविताएँ

रूचि भल्ला नाम :रुचि भल्ला जन्म :25 फरवरी 1972 शिक्षा : बी. ए.,  बी. एड. प्रकाशन: विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और समाचारपत्रों में  कविताएँ प्रकाशित काव्य संग्रह : ‘कविताएँ फेसबुक से‘, ‘काव्यशाला, सारांश समय का, क्योंकि हम ज़िन्दा हैं,  कविता अनवरत ब्लॉग : गाथांतर, अटूट बंधन प्रसारण : आकाशवाणी के इलाहाबाद तथा पुणे केन्द्रों से कविताओं का […]

हर्षि शर्मा की कविताएँ

  हर्षि शर्मा नाम : हर्षि शर्मा उम्र : 13 वर्ष  कक्षा : 9 माता का नाम : किरण शर्मा पिता का नाम : ओम प्रकाश शर्मा विद्यालय : केन्द्रीय विद्यालय ए. एफ. एस बोरझार पहली बार उन नवागत रचनाकारों का स्वागत करता है जिन्होंने लेखन की दुनिया में अभी पहला ही कदम रखा है […]

श्रीराम त्रिपाठी का एक आलेख ‘मुर्दहिया’

तुलसी राम बीते 13 फरवरी 2015 को हिन्दी साहित्य की एक ऐसी क्षति हुई जिसकी भरपाई हो पाना नामुमकिन है। तुलसीराम का जन्म आजमगढ़ के धरमपुर में एक जुलाई 1949 को हुआ था। प्राथमिक शिक्षा गाँव से ही हुई। आगे की पढाई बी एच यू और जवाहर लाल नेहरू विश्व   विद्यालय से हुई। फिर ये […]

पंकज पराशर का आलेख ‘गोया एक फ़रियाद है अज़ान-सी’

वीरेन डंगवाल वीरेन डंगवाल हमारे समय के अनूठे और अलग मिजाज के कवि हैं। उनका यह मिजाज आप सहज ही उनकी कविताओं में देख सकते हैं। भाषा का खिलंदडापन देखना हो तो आपको वीरेन की कविताओं के पास जाना होगा। आभिजात्य शब्दों को तो जैसे वे मुँह चिढाते हुए जन-सामान्य के बीच प्रचलित उन शब्दों […]

सीमा आजाद की कहानी ‘मुआवजा’

सीमा आजाद सीमा आजाद न केवल एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और ‘दस्तक’ पत्रिका की सम्पादक  हैं, बल्कि उन्होंने हिन्दी कहानी के क्षेत्र में सार्थक हस्तक्षेप करने की कोशिश भी की है। इसी क्रम में भोपाल गैस त्रासदी पर सीमा ने एक महत्वपूर्ण कहानी लिखी है ‘मुआवजा’। यह कहानी जनवरी 2014 के ‘हंस’ में छपी थी। […]

हरबंस मुखिया की नज्में

  हरबंस मुखिया कम लोग ही इस बात को जानते होंगे कि हरबंस मुखिया न केवल जाने-माने इतिहासकार हैं बल्कि एक बेहतर कवि भी हैं। पिछले दिनों जब दूधनाथ सिंह ने हरबंस जी को ‘पहली बार’ पर प्रकाशित उनकी बेहतरीन कविताओं के लिए बधाई दी तो न केवल  हरबंस जी का बल्कि हमारा भी उत्साहवर्द्धन […]

अमीर चन्द वैश्य का आलेख ‘सूखे में बादल और वर्षा के बिम्ब’

कवि त्रिलोचन प्रकृति में मानव के बढ़ते हस्तक्षेप के दुष्परिणाम अब स्पष्ट तौर पर दिखायी पड़ने लगे हैं। बारिश जब होनी चाहिए तब नहीं होती। होती भी है तो बस नाम की। किसान आसमान निहारते रह जाते हैं। जब हम उम्मीद नहीं करते तब लगातार बारिश होती है। बादल भी जैसे हमसे आँख मिचौली करते […]

गीता पण्डित की कविताएँ

गीता पण्डित गौतम का यशोधरा को यूँ सोते छोड़ कर घर से चले जाने वाला प्रसंग मुझे हमेशा से परेशान करता रहा है। गीता पण्डित ऐसी समर्थ कवयित्री हैं जिन्होंने इस मुद्दे को अपनी कविता का विषय बनाया है। शायद इसलिए भी कि एक स्त्री दूसरी स्त्री के मर्म को बेहतर तरीके से जानती-समझती है। […]

अरुणाभ सौरभ की कविताएँ

अरुणाभ सौरभ किसी भी मनुष्य की अनुभूतियाँ तमाम छोटी-छोटी चीजों से बनी होती हैं. किसी भी व्यक्ति के बचपन में ननिहाल की एक बड़ी भूमिका होती है. वहाँ के रिश्ते-नाते इतने आत्मीय होते हैं कि ताजिन्दगी ताजातरीन बने रहते हैं और व्यक्ति को व्यक्ति बनाते हैं. इस तरह के संबंधों में मामी का रिश्ता अत्यन्त […]