प्रमोद धिताल की कविताएँ

प्रमोद धिताल आज हमारी भौतिक जरूरतें इस कदर बढ़ गयी हैं कि हम मानवता की आधारभूत संकल्पनाएँ तक भुलाते जा रहे हैं। ऐसे समय में नेपाल के कवि प्रमोद धिताल एक चेतस कवि हैं जो अपनी कविताओं में इसकी खुली अभिव्यक्ति करते हैं। इसी को व्यक्त करते हुए प्रमोद कहते हैं – ‘अब तो दोस्ती […]

अष्टभुजा शुक्ल की कविता ‘चैत के बादल’ पर आशीष मिश्र की एक टिप्पणी

अष्टभुजा शुक्ल आसमान में उमड़ने घुमड़ने वाले बादल बचपन से ही हमारे मन में अनेकानेक कल्पनाओं को जन्म देते हैं। आकाश में अनेक रुपाकृतियाँ निर्मित करते ये बादल जैसे हमारे सामने एक विविध वर्णी रंग-मंच ही खड़ा कर देते हैं। यही बादल किसानों के मन को कभी हुलसित कर देते हैं तो कभी घोर चिन्ता-फ़िक्र […]

राजकिशोर राजन की कविताएँ

राजकिशोर राजन दुःख और पीड़ा जब तक इस पृथिवी पर है तब तक बुद्ध का नाम भी जिन्दा रहेगा। एक कवि भी हमेशा इस दुःख और पीड़ा से संघर्ष करता है और इस तरह उस आम जन के पक्ष में खड़ा होता है जिसके दम पर इस दुनिया की हस्ती है। राजकिशोर राजन हमारे समय […]

प्रणय कृष्ण का आलेख ‘तमिल लेखक पेरूमल मुरुगन पुनरुज्जीवित होंगे’

इतिहास गवाह है है कि जब कभी कहीं तानाशाही प्रवित्तियाँ हावी हुईं हैं तब-तब कलम को रोकने की कोशिश की गयी है। हमारे यहाँ हतप्रभ करने वाला एक वाकया ऐसा ही हुआ जब तमिलनाडु के मशहूर उपन्यासकार पेरूमल मुरुगन ने लिखा कि ‘लेखक पेरूमल मुरुगन मर गया।‘  आखिर ऐसे हालात क्यों उपजे जिसके चलते मुरुगन […]

रविशंकर उपाध्याय के कविता संग्रह ‘उम्मीद अब भी बाकी है’ की समीक्षा

                   रविशंकर उपाध्याय आज का हमारा समय भयावह द्वैधाताओं का समय है। राजनीति को रौशनी दिखाने वाले साहित्य की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं। ग़ालिब के शब्दों में कहें तो ‘आदमी को मयस्सर नहीं इंसा होना।’ आज की सबसे बड़ी दिक्कत आदमी बनने की ही है। ऐसे समय में एक युवा कवि ‘था’ जो सबसे […]

पूनम शुक्ला की कहानी ‘अमृत की धार’

पूनम शुक्ला जन्म – 26 जून 1972  बलिया, उत्तर प्रदेश शिक्षा – बी० एस-सी० आनर्स (जीव विज्ञान) , एम० एस-सी० (कम्प्यूटर साइन्स), एम० सी० ए०। चार वर्षों तक विभिन्न विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान की। अब कविता, ग़ज़ल, कहानी लेखन मे संलग्न। कविता संग्रह “सूरज के बीज” अनुभव प्रकाशन , गाजियाबाद द्वारा प्रकाशित।“सुनो समय जो […]

उमाशंकर सिंह परमार का आलेख ‘लोक’ – स्वरूप और चेतना

‘लोक’ को ले कर सामान्य जनमानस में बहुत कुछ भ्रम की स्थिति बनी रहती है। ‘लोक’ के अर्थ और इसके विभिन्न पहलुओं पर युवा आलोचक उमाशंकर सिंह परमार ने एक शोधपरक आलेख लिखा है। इस आलेख को हम पहली बार पर आप सबके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं। तो आइए पढ़ते हैं यह आलेख ‘लोक […]

सोनी पाण्डेय की कहानी ‘बदचलन कौन?’

सोनी पाण्डेय हमारे समाज में स्त्रियों की स्थिति आज भी बहुत हद तक दोयम दर्जे की है। जीने की उसकी जद्दोजहद भी (पुरुषों की नज़रों में) हमेशा शक के घेरे में रहती है। वह कोई काम करे तुरन्त बदचलन और बदजात हो जाती है जबकि पुरुष वर्ग समाज में कुछ भी कदम उठाए, कोई भी […]

अशोक तिवारी का आलेख ‘नासिरा शर्मा : इलाहाबाद से पश्चिम एशिया तक’

नासिरा शर्मा साहित्य भंडार एवं मीरा फ़ाउंडेशन इलाहाबाद के तत्त्वावधान में विगत तीस नवम्बर 2014 को  इलाहाबाद संग्रहालय के सभागार में नासिरा शर्मा के लेखन पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में दिल्ली से पधारे हुए कवि एवं नाट्यकर्मी अशोक तिवारी ने एक सारगर्भित व्याख्यान दिया। मैंने अशोक जी से आग्रह किया […]

शैलेन्द्र कुमार शुक्ल की कविताएँ

जन्म- 01 जुलाई 1986 (उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर में गाँव साहब नगर)। शिक्षा- प्राथमिक शिक्षा गाँव के सरकारी स्कूल से तथा उच्च शिक्षा लखनऊ, बनारस, हैदराबाद, और वर्धा विश्वविद्यालयों से। प्रकाशन- ‘बया’, ‘वागर्थ’, ‘संवेद’, ‘जनपथ’और ‘परिचय’ आदि पत्रिकाओं में कुछ कवितायें प्रकाशित। कविता और कला का एक अन्तर्सम्बन्ध होता है। इस सम्बन्ध के बावजूद […]