पल्लव की किताब ‘कहानी का लोकतन्त्र’ पर रेणु व्यास की समीक्षा

आमतौर पर हिन्दी कहानी के क्षेत्र में आलोचना की स्थिति बेहतर नहीं रही है। यह सुखद है कि इन दिनों कुछ युवा आलोचक इस क्षेत्र में तन्मयता से अपना काम कर रहे हैं। इन युवा आलोचकों में पल्लव का नाम महत्वपूर्ण है। कहानी आलोचना पर पल्लव की एक किताब हाल ही में प्रकाशित हुई है- […]

अमृत सागर की कविताएँ

अमृत सागर परिचय, तदभव, सोच-विचार, आरोह-अवरोह, दैनिक जागरण, नेशनल दुनिया आदि पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित, पुस्तक एवं फिल्म समीक्षाएं भी लगातार प्रकाशन के क्रम में पूर्वांचल विश्वविद्यालय, बीएचयू व जामिया मिल्लिया इस्लामिया से शिक्षा व लगभग तीन वर्षों पत्रकारिता में सक्रियता, फ़िलहाल दिल्ली में रहते हुए एक राष्ट्रीय दैनिक में सबएडिटर के पोस्ट पर कार्यरत  […]

प्रख्यात कथाकार दूधनाथ सिंह से रणविजय सिंह सत्यकेतु की बातचीत

दूध नाथ सिंह का नाम हिन्दी कहानी में अग्रगण्य है। कहानी के साथ-साथ दूधनाथ जी ने आलोचना और कविता के क्षेत्र में भी अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। इस बात से सभी परिचित हैं कि दूध नाथ जी लेखन के क्षेत्र में आज भी प्रतिबद्धता के साथ सक्रिय हैं। दूध नाथ जी से अभी पिछले […]

डॉ० राका प्रियंवदा की रपट

  12 अक्टूबर 2014, को नटराज एवं सांस्कृतिक संस्थान, 346 बिहारीपुर कहरवान में संयोजक संजय सक्सेना ने प्रख्यात समालोचक डॉ० रामविलास शर्मा की 102वीं जयन्ती के अवसर पर विचार-गोष्ठी का आयोजन अपने आवास पर किया। इस गोष्ठी की एक रपट पहली बार के लिए हमें भेजा है ने डॉ० राका प्रियंवदा ने। आइए पढ़ते हैं […]

आशीष मिश्र का आलेख ‘गणेश पाइन : मृत्यु से दो-दो हाथ’

                      गणेश पाइन कला मानव मन की गहनतम अभिव्यक्ति है। कलाकार अपनी उस अभिव्यक्ति को पहले रेखाओं में ढालता है तत्पश्चात उसमें रंग भरता है। यहाँ पर हर एक रेखा, बिंदु या रंग का अपना ख़ास मतलब होता है। गणेश पाइन कोलकाता में जन्मे ऐसे ही कलाकार हैं जिनकी कला को मैलेंकोलिया नामक मनोरोग की […]

अनिल कार्की की कविताएँ

अनिल कार्की प्रेम दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत अभिव्यक्ति है. इस ख़ूबसूरत अभिव्यक्ति के सामने हजार खतरे हैं. युवा कवि अनिल कार्की इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं. वे जानते हैं कि कि औरत हो या मर्द, अगर वे प्रेम करते हैं तो उनके सामने समाज विकट समस्याएँ पैदा करने से बाज नहीं आएगा. खुद अनिल के […]

एस आर हरनोट के कहानी संग्रह ‘लिटन ब्लाक गिर रहा है’ पर उमाशंकर सिंह परमार की समीक्षा

 एस आर हरनोट हमारे समय के चर्चित कथाकारों में से हैं। हाल ही में इनका एक कहानी संग्रह ‘लिटन ब्लाक गिर रहा है’ प्रकाशित हुआ है और पाठकों के बीच काफी सराहा गया है। इस संग्रह की एक समीक्षा पहली बार के लिए लिखी है युवा आलोचक उमाशंकर सिंह परमार ने। तो आइए पढ़ते हैं […]

भरत प्रसाद की सुरेश सेन निशान्त से बातचीत

सुरेश सेन निशान्त कविता के क्षेत्र में आज अनेक महत्वपूर्ण कवि सक्रिय हैं। सुरेश सेन निशांत ऐसे ही कवि हैं जो सुदूर हिमाचल के पर्वतीय अंचल में रहते हुए भी लगातार सृजनरत हैं। उनकी कविताएँ चोंचलेबाजी से दूर उस सामान्य जन की कविताएँ हैं जो लगातार हाशिये पर रहा है। निशान्त में उस हाशिये को […]

रवीन्द्र के दास की कविताएँ

रवीन्द्र के दास जन्म तिथि:28-4-1968 शिक्षा: पीएच. डी संप्रति: अध्यापन  प्रकाशन: ‘जब उठ जाता हूँ सतह से‘[कविता-संकलन],  ‘सुनो समय जो कहता है‘ [संपादन, कविता संकलन],  ‘सुनो मेघ तुम‘ [मेघदूत का हिंदी काव्य रूपांतरण] और ‘शंकराचार्य का समाज दर्शन‘ जयपुर से निकलने वाली साहित्यिक मासिक पत्रिका उत्पल  के लिए “सब्दहि सबद भया उजियारा” नाम से कविता […]

वन्दना वाजपेयी की कविताएँ

जन्म :२० मई वाराणसी   शिक्षा : M.Sc (जेनेटिक्स ),B.Ed (कानपुर यूनिवर्सिटी ) अभिरुचि: लेखन, चित्रकला, अध्ययन , बागवानी  सम्प्रति: अध्यापन, “गाथांतर” का सह संपादन  विभिन पत्र -पत्रिकाओं में कहानियाँ, लेख, कवितायें आदि प्रकाशित हो चुकी हैं कुछ का नेपाली में  अनुवाद हो चुका है आत्मकथ्य : अपने बारे में कुछ लिखना बड़ा ही असाध्य […]