अस्मुरारी नंदन मिश्र का आलेख ‘ईदगाह : एक पुनःपाठ’

   प्रेमचंद हमारे वे पुरोधा हैं जो बार-बार याद आते हैं. हिन्दी साहित्य को पढने वाला शायद ही कोई ऐसा होगा जो प्रमचंद से अपरिचित होगा. दरअसल हमारे आधुनिक कहानी-साहित्य की शुरुआत ही प्रेमचंद से होती है. आम जीवन के विविध प्रसंगों को जिस तरह उन्होंने अपनी कहानी का विषय बनाया है, वह हमें बरबस […]

मदन कश्यप का आलेख ‘कविता के पचास वर्ष’

(चित्र : मदन कश्यप) हिन्दी के जाने-माने कवि मदन कश्यप का जन्म  बिहार के वैशाली जिले में 29 मई 1954 को हुआ।  मदन जी की प्रमुख कृतियाँ हैं  – गूलर के फूल नहीं खिलते (1990), लेकिन उदास है पृथ्वी (1993),नीम रौशनी  में (2000), कुरुज, दूर  तक  चुप्पी वर्ष 2009 में इन्हें शमशेर सम्मान प्रदान किया […]

दीपेन्द्र सिवाच का आलेख लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की विजय

लार्ड्स टेस्ट में अट्ठाईस वर्षों बाद इंग्लैंड पर विजय हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम ने टेस्ट क्रिकेट में अपने को फिर से साबित किया है. दीपेन्द्र सिवाच ने भारत के इस ऐतिहासिक विजय पर एक नजर डाली है. दीपेन्द्र खेलों पर जब भी लिखते हैं वह अलग किस्म का होता है. उनके लेखन में केवल […]

निर्मला तोंदी के कविता संग्रह ‘अच्छा लगता है’ पर महेश चन्द्र पुनेठा की समीक्षा

 निर्मला तोंदी इधर की उन चुनिन्दा कवियित्रियों में से हैं जिन्होंने आज की कविता की दुनिया में अपनी एक सुपरिचित पहचान बना ली है. हाल ही में निर्मला का एक नया कविता संग्रह आया है- ‘अच्छा लगता है’. इस संग्रह की एक पड़ताल की है युवा कवि-आलोचक महेश पुनेठा ने. तो आइए पढ़ते हैं निर्मला […]

भावना मिश्रा की कविताओं पर के रवींद्र के पोस्टर

परिचय लिखना अपने होने को अंडरलाइन करने जैसा ही होगा. हालाँकि मैं अपने अस्तित्व को अंडरलाइन करने लायक तवज्जो शायद न देना चाहूँ. प्रयास के बावजूद भी यह होना ज़रा मुश्किल ही होता है कि आप सबके साथ जीते-खाते-रहते हुए भी यूँ रह सकें कि कोई निग़ाह किसी जिज्ञासावश आपनी ओर न उठे. इसके लिए […]

विजेंद्र के संग्रह “आधी रात के रंग” पर शाहनाज़ इमरानी की समीक्षा

कवि  या कलाकार होने की पहली ही शर्त है  अपनी जमीन और अपने लोक से जुड़ाव। विजेन्द्र जी ऐसे कवि हैं जो आज भी अपने जमीन और लोक से पूरी तरह जुड़े हुए हैं। उनकी कविता हो या उनके चित्र इस बात की स्पष्ट रूप से ताकीद करते हैं। ‘आधी रात के रंग’ उनकी एक […]

शिवकुटी लाल वर्मा की कविताएँ

          कवि शिवकुटी लाल वर्मा का जन्म इलाहाबाद में एक जुलाई 1937 ई. को हुआ। प्रयाग विश्वविद्यालय से 1954 में बी ए करने के बाद ए जी आफिस में नौकरी करने लगे। पहली कविता निकष-2 (इलाहाबाद से प्रकाशित पत्रिका संकलन) में 1956 में प्रकाशित। पहला कविता संग्रह अशोक वाजपेयी द्वारा संपादित ‘पहचान’ सीरीज […]

अशोक आजमी की नयी कविता ‘लाल बहादुर वर्मा’

प्रोफ़ेसर लाल बहादुर वर्मा इन दिनों हृदय की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. चिकित्सकों के मुताबिक़ उनके ह्रदय की ओपन हार्ट सर्जरी होनी है. इसके लिए उन्हें लखनऊ ले जाया गया है. हम सब उन्हें उनके जुझारूपन के लिए जानते रहे हैं. वे केवल एक शिक्षक ही नहीं बल्कि हम सब के लिए प्रेरणास्रोत, […]

हरीश चन्द्र पाण्डे की कविताएँ

हरीश चन्द्र पाण्डे आज सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि अपने-आप में एक मुकम्मल पता है. चुपचाप सृजनरत हरीश जी अपनी कविताओं में ऐसे अछूते विषयों को उठाते हैं जिससे गुजर कर लगता है अरे यह तो हमारे घर-परिवार या आस-पास का जीवन, समस्या या अनुभूति है. फिर हम उनकी कविताओं में अनायास ही बहते जाते […]

अशोक तिवारी के कविता संग्रह ‘दस्तख़त’ पर नित्यानंद गायेन की समीक्षा

कवि अशोक तिवारी का हाल ही में एक महत्वपूर्ण संग्रह आया है ‘दस्तखत’ नाम से. अशोक तिवारी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. वे एक कवि होने के साथ-साथ रंगकर्मी भी हैं. देश-विदेश में जा कर इन्होने नुक्कड़ नाटक किये हैं. उनके पास अपनी वह प्रतिबद्धता भी है, जो किसी भी कवि के लिए जरुरी होती […]