बदायूँ में राजेन्द्र यादव : कुछ यादें और बातें

राजेन्द्र यादव का निधन हमारे सामने एक ऐसी रिक्ति छोड़ गया है जिसकी भरपाई मुश्किल है। जिस भी क्षेत्र में राजेन्द्र जी ने अपने हाथ आजमाए वे श्रेष्ठ रहे। कहानी, उपन्यास, संस्मरण की दुनिया हो या फिर हंस का सम्पादन। एक बड़ी तादाद ऐसे लोगों की रही है जो हंस को केवल राजेन्द्र जी कि […]

दीपेन्द्र सिवाच

जन्म- जनवरी १९६४ मेरठ (उत्तर प्रदेश ) शिक्षा -एम.ए (प्राचीन इतिहास,इलाहाबाद विश्वविद्यालय) सम्प्रति -आकाशवाणी में ट्रेक्स  आज की दुनिया का विरोधाभास यह है कि एक तरफ जहां हम लोग एक ‘ग्लोबल विलेज’ की परिकल्पना को साकार होते देख रहे हैं वहीँ दूसरी तरफ हम अपने ही पड़ोसी तक को नहीं जानते। शुक्र है कि हमारा आभासी […]

शंकरानंद के कविता संग्रह ‘दूसरे दिन के लिए’ पर अरुण अभिषेक की समीक्षा

 युवा कवि शंकरानंद  का अभी हाल ही में पहला कविता संग्रह ‘दूसरे दिन के लिए’ आया है। इस संग्रह पर युवा समीक्षक अरुण अभिषेक की समीक्षा पहली बार के पाठकों के लिए प्रकाशित की जा रही है।                                                 जीवन की असंगत लय की शिनाख्त करती कविताएँ     […]

पेस्सोआ की कवितायेँ

 (चित्र : सरिता शर्मा) संक्षिप्त जीवन- परिचयजन्म तिथि: 12/08/1964शिक्षा:     एम.ए. (अंग्रेजी और हिंदी),           पत्रकारिता, फ्रेंच, क्रिएटिव राइटिंग और फिक्शन राइटिंग में डिप्लोमा.                 कहानी लेखन और पटकथा लेखन में पत्राचार पाठयक्रम           एन. आई. सी. से ऑफिस प्रोडक्टिविटी टूल्स में प्रशिक्षण कार्यक्रम पुस्तकें कविता संग्रह: सूनेपन से संघर्ष. आत्मकथात्मक उपन्यास: जीने के लिये अनूदित पुस्तकें […]

एस आर हरनोट

 (चित्र  : एस. आर. हरनोत)   एस. आर. हरनोत हमारे समय के ऐसे चर्चित कहानीकारों में से एक हैं जिन्होंने बिना किसी शोरोगुल के अनेक महत्वपूर्ण कहानियां लिखी हैं। आज जब चारो तरफ ‘दलित-विमर्श’ का बोलबाला है और लेखकों के बीच इसे जबरन कहानी का विषय बनाने का फैशन सा चल पड़ा है ऐसे समय […]

शेष नारायण मिश्र की गजलें

शेष नारायण मिश्र काशी विद्यापीठ वाराणसी के संस्कृत विभाग में रिसर्च फेलो हैं। संवेदनाओं से भरी हुईं इनकी गज़लें हमें अन्दर तक झकझोरती हैं एवं सोचने के लिए विवश करती हैं। आईए पढ़ते हैं शेष नारायण की कुछ नयी गज़लें।   (1) पास रहकर लड़ो लड़ कर नहीं जाने दूँगा। अब मिले हो तो बिछड़ कर […]

अमीरचंद वैश्य

इस बार समीक्षा के क्रम में हम राहुल राजेश के कविता संग्रह सिर्फ घांस नहीं’ की समीक्षा प्रस्तुत कर रहे हैं। यह समीक्षा हमारे लिए वरिष्ठ आलोचक अमीर चन्द वैश्य जी ने किया है।    आज मेरे सामने नया काव्य-संकलन है “सिर्फ़ घास नहीं” । इसके रचयिता हैं श्री राहुल राजेश। दुमका (झारखंड) के एक छोटे-से […]

शिवानन्द मिश्र की कहानी

जिम्मेदारी महसूस करने की चीज होती है। जो इसे उठाता है वही इसके महत्व को जान-समझ सकता है। चाहें वो जिम्मेदारी घर-परिवार की हो या समाज की। शिवानन्द मिश्र एक नवोदित कहानीकार हैं और ‘लौट आओ भइया!’ इनकी पहली कहानी है। अपनी पहली ही कहानी में शिवानन्द ने यह परिचय दे दिया है कि  उनमें […]

दीप्ति शर्मा

जिंदगी का कैनवास अनुभव के रंगों से लगातार गहरा होता चला जाता है। यह महसूस करने वाली कवियित्री दीप्ति शर्मा जब इन अनुभवों को सीमा पर तैनात सैनिक और घर की सीमा में घिरी हुई स्त्री के जीवन में देखती हैं तब उनका कवि रूप खुल कर सामने आता है। दोनों की अपनी सरहदें हैं […]

बाँदा में जलेस का जिला सम्मेलन

(चित्र: गोष्ठी को संबोधित करते हुए चंचल चौहान)  कवि केदार नाथ अग्रवाल के जनपद बाँदा में 6 अक्टूबर 2013 को जनवादी लेखक संघ का जनपदीय सम्मलेन आयोजित किया गया। इस सम्मलेन के पहले सत्र में साम्प्रदायिकता के बढ़ते हुए खतरे पर रचनाकारों ने गंभीर विमर्श किया जबकि दूसरे सत्र में एक कविता पाठ का आयोजन […]