अमीर चन्द वैश्य

गीतकार सुभाष वशिष्ठ का अभी हाल ही में एक नवगीत  संकलन बना रह ज़ख्म तू ताजा आया  है। वरिष्ठ आलोचक अमीर चन्द्र वैश्य ने इस संकलन पर एक समीक्षा लिखी है जिसे हम पहली बार के पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं।   निजी अनुभूतियों का साधारणीकरण   मेरे सामने एक नवगीत  संकलन है। ‘बना रह ज़ख्म तू ताजा‘। गीतकार हैं […]

कैलाश बनवासी

        जन्म- 10 मार्च 1965, दुर्ग शिक्षा- बी0एस-सी0(गणित),एम0ए0(अँग्रेजी साहित्य) 1984 के आसपास लिखना शुरू किया। आरंभ में बच्चों और किशोरों के लिए लेखन। कृतियाँ- सत्तर से भी अधिक कहानियाँ देश की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। बहुतेरी कहानियाँ चर्चित,किंतु कहानी ‘बाजार में रामधन’ सर्वाधिक चर्चित। अब तक तीन कहानी संग्रह प्रकाशित-‘लक्ष्य तथा अन्य कहानियाँ’(1993),‘बाजार में […]

अरुणाभ सौरभ

युवा कवि अरुणाभ सौरभ को मैथिली में बेहतर रचनाधर्मिता के लिए इस वर्ष का साहित्य अकादमी युवा लेखक पुरस्कार प्रदान किया गया है। सम्मान गुवाहाटी में 22 मार्च 2013 को प्रदान किया  गया । इस अवसर के लिए अरुणाभ ने अपना जो वक्तव्य तैयार किया वह पहली बार के लिए पाठकों के लिए प्रस्तुत है। एक बार […]

रमाकान्त राय

मार्कंडेय जी की पुण्यतिथि विशेष के क्रम में प्रस्तुत है रमाकांत की मार्कंडेय जी के नाम पाती। अपनी इस पाती में रमाकांत ने मार्कंडेय जी की रचनाओं को आधार बनाकर कई ज्वलंत मुद्दों की ओर इशारा किया है, जो सहज ही हमारा ध्यान आकृष्ट करता है। तो लीजिये आप भी पढ़िए रमाकांत की यह पाती।  आदरणीय श्री मार्कंडेय  […]

दुर्गा प्रसाद सिंह

मार्कण्डेय जी की पुण्यतिथि पर विशेष प्रस्तुति के क्रम में आज प्रस्तुत है दुर्गाप्रसाद सिंह का आलेख ‘प्रेमचंद की परम्परा के विस्तार हैं कहानीकार मार्कण्डेय.’ दुर्गाप्रसाद मार्कण्डेय जी के आत्मीय रहे हैं और इन दिनों उनके अप्रकाशित कार्यों के प्रकाशन का दायित्व निभा रहे हैं.     प्रेमचंद की परम्परा के विस्तार हैं कहानीकार मार्कण्डेय […]

बलभद्र

मार्कण्डेय जी की पुण्यतिथि पर आयोजित विशेष प्रस्तुति के अंतर्गत आज पेश है युवा कवि एवं आलोचक बलभद्र का यह संस्मरण। ध्यातव्य है कि बलभद्र का शोध कार्य मार्कंडेय की रचनाधर्मिता पर ही है। इसी क्रम में बलभद्र मार्कण्डेय के बहुत नजदीक आये. स्वयं मार्कण्डेय जी का मानना था कि उन पर किये गए सारे […]

मार्कंडेय जी से अनुराग की बातचीत

मार्कंडेय जी जनवरी 2010 में दूसरी बार अपने गले के कैंसर के इलाज के लिए जब दिल्ली गए तो हममें से किसी ने यह सोचा नहीं होगा कि दादा अपने प्रिय शहर इलाहाबाद से आख़िरी बार जा रहे हैं। जब भी उन्हें इलाहाबाद से बाहर जाना होता वे कई बहाने ढूँढते बाहर न जाने के। […]

हिमांगी त्रिपाठी

                                                             (मार्कंडेय जी) मार्कण्डेय जी की पुण्य तिथि (18 मार्च) के अवसर पर हम पहली बार पर कुछ विशिष्ट सामग्री क्रमवार प्रस्तुत करने जा रहे हैं। इसी क्रम की दूसरी कड़ी में प्रस्तुत है हिमांगी का आलेख ‘मार्कंडेय की कहानियों में स्त्री’. हिमांगी द्वारा लिखा गया यह पहला आलेख है जिसे हम यहाँ पहली बार के […]

उषा बनसोडे

                             (मार्कण्डेय जी) उषा बनसोडेजन्म   – औरंगाबाद (महाराष्ट्र)शिक्षा   – एम.ए. (हिन्दी) स्वर्णपदकप्राप्त, एम.फिल., पी.एच.डी., विभिन्न पत्र–पत्रिकाओं में आलेख प्रकाशित। मार्कण्डेय जी की पुण्यतिथि (18मार्च 2013)पर हम पहली बार पर कुछ विशेषप्रस्तुति करने जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रस्तुत है उषा बनसोडे का आलेख ‘ मार्कण्डेय के कथा साहित्यमें चित्रित ग्राम जीवन‘ मार्कण्डेय के कथा–साहित्य में चित्रित ग्रामजीवन […]

अनुप्रिया

जन्म तिथि –०२–०५–१९८२ शिक्षा –बी ए रूचि –कविता लेखन प्रकाशन –  नंदन, कादम्बिनी, वागर्थ, कथाक्रम, परिकथा, संवदिया,युद्धरत आम आदमी, प्रगतिशील आकल्प, विपासा, आदि पत्रिकाओं में कवितायेँ निरंतर प्रकाशित. समकालीन भारतीय साहित्य में दो कवितायेँ विचाराधीन. हमारा जीवन कई छोटी-छोटी घटनाओं, बातों, विचारों और उपक्रमों का एक समागम है। कोई भी व्यक्ति जब इन घटनाओं, विचारों […]