रामजी तिवारी

     फ़िल्में केवल हमारे  मनोरंजन का ही साधन नहीं होतीं बल्कि ये हमारे समय का एक बेहतरीन दस्तावेज भी होती हैं। एक विश्लेषक अपनी सूक्ष्म दृष्टि के द्वारा इन फिल्मों को देख कर उनकी वास्तविकता या दिखावे को समझ और समझा सकता है। वियतनाम युद्ध इतिहास का एक ऐसा ही अध्याय है जिस पर फिल्मकारों ने अनेक […]

दिनेश कर्नाटक

                                जन्म -13 जुलाई 1972, रानीबाग (नैनीताल)                         विधाएं -कहानी, आलोचना, संस्मरण, यात्रा वृत्तांत आदि।मुख्य कृतियां:  कहानी-संग्रह: काली कुमाऊं का शेरदा तथा अन्य कहानियांउपन्यास: फिर वही सवालसम्मान –  प्रताप नारायण मिश्र स्मृति युवा साहित्यकार सम्मान’ 2010 से सम्मानित।उपन्यास ‘फिर वही सवाल’ भारतीय ज्ञानपीठ […]

चंद्रेश्वर

30 मार्च 1960 को बिहार के बक्सर जनपद के एक गाँव आशा पड़री में जन्म। पहला कविता संग्रह ‘अब भी’ सन् 2010 में प्रकाशित। एक पुस्तक ‘भारत में जन नाट्य आन्दोलन’ 1994 में प्रकाशित। ‘इप्टा आन्दोलन : कुछ साक्षात्कार’ नाम से एक मोनोग्राफ ‘कथ्यरूप’ की ओर से 1998 में प्रकाशित। वर्तमान में बलरामपुर, उत्तर प्रदेश […]

पंकज पराशर

  (नरेश सक्सेना) नरेश सक्सेना हमारे समय के ऐसे कवि हैं जिन्होंने अत्यंत कम लिख कर भी कविता के परिदृश्य में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई है। उनका पहला संग्रह ‘समुद्र पर हो रही है बारिश’ काफी चर्चा में रहा था। अभी-अभी भारतीय ज्ञानपीठ से उनका दूसरा कविता संग्रह ‘सुनो चारुशीला’ प्रकाशित हुआ है। इस […]

संतोष अलेक्स

संतोष अलेक्स मूलतः मलयाली भाषी हैं लेकिन मलयालम के साथ-साथ इन्होने हिन्दी में भी अच्छी कवितायें लिखी हैं. इनकी कविता इस मामले में थोड़ी अलग है कि इसमें हम एक अलग स्थानीयता के साथ-साथ अलग आबो-हवा का भी साक्षात्कार करते है. संतोष अलेक्स की कविताएं आप पहले भी ‘पहली बार’ पर पढ़ चुके हैं. दैनिक […]

कविता

जन्म   :  15 अगस्त, मुजफ्फरपुर (बिहार) शिक्षा   :  एम. ए. (हिन्दी) प्रकाशन  :  मेरी नाप के कपड़े, उलटबांसी, नदी जो अब भी बहती है (कहानी संग्रह)  मेरा पता कोई और है (उपन्यास) संपादन-संयोजन :   मैं हंस नहीं पढ़ता, वह सुबह कभी तो आयेगी (लेख), जवाब दो विक्रमादित्य (साक्षात्कार), अब वे वहां नहीं रहते (राजेन्द्र […]

सौरभ राय ‘भगीरथ’

सौरभ राय भगीरथ का जन्म झारखंड राज्य के बोकारो जिले 10 सितम्बर 1989 को हुआ. बंगलौर से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद सौरभ आजकल आजीविका के लिए ‘ब्रोकेड’ नामक कंपनी में कार्यरत हैं. अब तक इनके तीन कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं- ‘अनभ्र रात्रि की अनुपमा’, ‘उतिष्ठ भारत’ और ‘यायावर‘। सौरभ […]

महेश चंद्र पुनेठा

लॉन्ग नाईन्टीज और कविता के सन्दर्भ में चल रही बहस के क्रम में अभी तक आप पढ़ चुके हैं विजेन्द्र, अमीर चन्द्र वैश्य और आग्नेय के आलेख। इसी कड़ी में प्रस्तुत है इस बार युवा कवि और आलोचक महेश चन्द्र पुनेठा का आलेख-   सीमित जीवनानुभव के कवि-आलोचकों द्वारा फैलाया गया भ्रम                               काव्य में […]

बाइ जुई: कालजयी लोकधर्मी कवि

विश्व के लोकधर्मी कवियों की श्रृंखला’ की पहली कड़ी में आपने वाल्ट व्हिटमैन के बारे में पढ़ा। इसकी दूसरी कड़ी में आज प्रस्तुत है चीन के मशहूर लोकधर्मी कवि  बाइ जुई के बारे में विजेन्द्र   बाइ जुई : कालजयी लोकधर्मी कवि         बाइ जुई की एक कविता है, ‘बरखा’। कवि कहते हैं – धरती और लोग-बाग […]

अजामिल

जन्म : आजादी के बाद किसी एक दिन प्रकाशन : देश की लगभग सभी  महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं  में कविताओं का प्रकाशन, त्रयी-एक, शिविर, काला इतिहास, आठवें दशक की सर्वश्रेष्ठ कविताएँ, जो कुछ हाशिए पर लिखा है आदि काव्य संकलनों में कवितायेँ शामिल | स्वतंत्र काव्य संकलन शीघ्र प्रकाश्य | सम्प्रति :  इलाहाबाद के एक स्थानीय चैनल में समाचार संपादक| अजामिल ऐसे कवि […]