नित्यानंद गायेन

20 अगस्त 1981 को पश्चिम बंगाल के बारुइपुर, दक्षिण चौबीस परगना के शिखरबाली गांव में जन्मे नित्यानंद गायेन की कवितायेँ और लेख सर्वनाम, कृतिओर, समयांतर, हंस, जनसत्ता, अविराम, दुनिया इनदिनों, अलाव, जिन्दा लोग, नई धारा, हिंदी मिलाप, स्वतंत्र वार्ता, छपते–छपते, समकालीन तीसरी दुनिया, अक्षर पर्व, हमारा प्रदेश, कृषि जागरण आदि पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित  . इनका […]

अस्मुरारी नंदन मिश्र

(अस्मुरारी नंदन मिश्र) ‘वाचन–पुनर्वाचन‘  के अंतर्गत  इस बार  के हमारे कवि है अस्मुरारी नंदन मिश्र। इनकी कविताओं पर टिप्पणी की है हिन्दी और मैथिली के चर्चित युवा कवि अरुणाभ सौरभ ने। अभी हाल ही में अरुणाभ सौरभ को मैथिली भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया है। पहली बार परिवार की तरफ से अरुणाभ को ढेर सारी बधाईयाँ।    अस्मुरारी की शिक्षा अव्यवस्थित तरीके […]

सन्तोष कुमार चतुर्वेदी

पिछले रविवार को हमारी राजधानी दिल्ली में एक तेईस वर्षीया पैरामेडिकल छात्रा के साथ जिस तरह की शर्मनाक घटना घटी वह हतप्रभ कर देने वाली थी। आखिर किस सीमा तक हम संवेदनहीन हो सकते हैं। किस सीमा तक हमारा पतन हो सकता है। दरिन्दगी किस सीमा तक बरदाश्त की जा सकती है? क्या वाकई परिस्थितियॉ […]

वाचन-पुनर्वाचन — अजेय की कविताएं

पहली बार पर हमने एक स्तम्भ शुरू किया था ‘वाचन-पुनर्वाचन’. इसके अंतर्गत एक कवि की कविताएं दूसरे कवि की टिप्पणी के साथ प्रस्तुत की जाती है। हमारे इस बार के कवि हैं अजेय. और इनकी कविताओं पर सारगर्भित टिप्पणी की है हमारे समय के महत्वपूर्ण कवि शिरीष कुमार मौर्य ने। कविता में करूणा खोजता कवि  अजेय […]

भरत तिवारी

नाम : भरत तिवारी पिता : स्व. एस . एस. तिवारी माता : स्व. पुष्प मोहिनी तिवारी जन्म भूमि : फैज़ाबाद (अयोध्या) उत्तर प्रदेश कर्मभूमि : नई दिल्ली शिक्षा : डा. राम मनोहर लोहिया (अवध विश्वविद्यालय ) से विज्ञान में स्नातक मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर अभिरुचि: कला , संगीत , लेखन (नज़्म, गीत, कविता) , फोटोग्राफी […]

प्रेम शंकर सिंह

डूबते सूरज को प्रणाम करती कहानियां (प्रियदर्शन मालवीय की कहानियों पर एक नोट्स)       हिन्दी के कहानी संसार में पिछले सालों मे जिन लोगों ने चुपचाप अपनी जगह बनाई है, उनमें प्रियदर्शन मालवीय प्रमुख है. उनकी कहानियां हिन्दी की कई पत्रिकाओं, मसलन कथादेश, तद्भव, नया ज्ञानोदय, बहुवचन आदि में छपी हैं और खासी चर्चित और […]