हेमा दीक्षित

(         हेमा कुछ उन स्त्री लेखिकाओं में से एक हैं जिनके यहाँ बिना लाउड हुए स्त्री जीवन की व्यथा-कथा का चित्रण मिलता है। स्त्री जो मानव समाज और जीवन के लिए जरूरी होते हुए भी प्रायः उपेक्षित कर दी जाती है। उसकी स्त्री सुलभ जरूरतों की हंसी उडाई जाती है एवं उसे उपहास का […]

विजेन्द्र जी का पत्र

मित्रों, वरिष्ठ कवि विजेन्द्र जी ने मेरी एक लम्बी कविता मोछू नेटुआ पर एक लम्बा पत्र भेजा है जिसे मैं बिना किसी भूमिका के पूरी विनम्रता के साथ आप सबके लिए ज्यों का त्यों प्रस्तुत कर रहा हूँ। इसी क्रम में आप विजेन्द्र जी की एक चर्चित कविता ‘मुर्दा सीने वाला’ भी पढेंगे। हमेशा की […]

उमा शंकर चौधरी

एक मार्च उन्नीस सौ अठहत्तर को खगड़िया बिहार में जन्म। कविता और कहानी लेखन में समान रूप से सक्रिय। पहला कविता संग्रह ‘कहते हैं तब शहंशाह सो रहे थे’(2009) भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित। इसी कविता संग्रह ‘कहते हैं तब शहंशाह सो रहे थे’ पर साहित्य अकादमी का पहला युवा सम्मान (2012)। इसके अतिरिक्त कविता के […]

भंवरलाल मीणा की रपट

                                                                          (चित्र: पंकज पराशर)  सुचिंतित दृष्टि और सुगठित गद्य कृति-पुनर्वाचनः नामवर सिंह (जे एन यू में पुस्तक का लोकार्पण […]

अशोक कुमार पाण्डेय

मित्रों, पहली बार पर हमने ‘वाचन-पुनर्वाचन’ नाम से एक स्तम्भ शुरू किया था जिसमें एक कवि अपने समकालीन दूसरे कवि की कविताओं पर टिप्पणी करता है. इस श्रृंखला में आज की कड़ी में हमारे कवि हैं अशोक कुमार पाण्डेय. इनकी कविताओं पर आलोचनात्मक टिप्पणी की है चर्चित कवि और हमारे प्रिय मित्र अजेय ने.   […]

शायक आलोक

  जन्मतिथि- 8 जनवरी 1983  शिक्षा- परा-स्नातक (हिंदी साहित्य) बेगूसराय, बिहार  कवितायें-कहानियां पत्र-पत्रिकाओं में छपीं. सन्मार्ग और नव-बिहार दैनिक समाचार पत्र में पोलिटिकल कमेंट्री और स्तम्भ लिखे सम्प्रति– कस्बाई समाचार चैनल ‘सिटी न्यूज़‘ का सम्पादन/ अध्ययनरत. २००० ई० के बाद की दुनिया बड़ी तेजी से बदली है. इस बदलाव के साथ-साथ इस समय के जीवन मूल्य, […]