विजेंद्र

विजेंद्र जी हमारे समय के न केवल एक बड़े कवि हैं अपितु वे एक बेहतर चित्रकार एवं विचारक भी हैं. हम सब ‘कृति ओर’ में उनके सम्पादकीय आलेख पहले से ही पढ़ते आ रहे हैं जो हमेशा एक नए तरीके से सोचने के लिए हमें बाध्य करते हैं. प्रस्तुत आलेख में मार्क्सवाद की विवेचना करते […]

सुनील गंगोपाध्याय

बांग्ला के सुप्रसिद्ध कवि और कथाकार सुनील गंगोपाध्याय का विगत २३ अक्टूबर को निधन हो गया. उनकी स्मृति को याद करते हुए हम प्रस्तुत कर रहे हैं उनकी अंतिम लिखी-प्रकाशित कविता ‘बकुल गंध सरीखा.’ जो मूल रूप से बांग्ला में छपी है. इस कविता का हमारे लिए हिन्दी अनुवाद किया है युवा कवि निशांत ने. […]

बुद्धिलाल पाल

पुनरूत्थान में पुनर्विकास की निरंतरता नहीं होती (संदर्भ – विनोद शाही का लेख)       ‘‘लौ‘‘ अंक 2 में विनोद शाही का आलेख ‘‘पुनरूत्थान और पुनर्विकास‘‘ तथा जीवन सिंह का आलेख ‘‘कविता में लोकधर्मी प्रतिमान‘‘ यह दोनो लेख जीवन की समग्र भाव भंगिमाओं में जीवन को बहुत विस्तार देते हैं। पर यहाँ पर मैं विनोद शाही […]

जितेन्द्र श्रीवास्तव

जितेन्द्र श्रीवास्तव का जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रूद्रपुर तहसील के सिलहटा में हुआ. जे. एन यू नयी दिल्ली से हिन्दी साहित्य में सर्वोच्च अंकों से एम. ए. और एम. फिल. एवं पी-एच. डी. कविता संग्रह- इन दिनों हालचाल, अनभै कथा, असुंदर-सुन्दर, बिलकुल तुम्हारी तरह, कायांतरण, आलोचना- भारतीय समाज, राष्ट्रवाद और प्रेमचंद, शब्दों […]

शंकरानंद

जन्म- 08 अक्टूबर 1983    शिक्षा: हिन्दी में एम0ए0। नया ज्ञानोदय, वर्तमान साहित्य  वसुधा, वागर्थ, कथन, बया, परिकथा आदि पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित।       भारतीय  भाषा परिषद् कोलकाता से पहला कविता संग्रह  ‘दूसरे दिन के लिए’  अभी हाल ही में प्रकाशित  युवा कवियों में शंकरानंद ने अपने कथ्य और शिल्प के बल पर अपनी अलग पहचान […]

दूधनाथ सिंह

दूधनाथ सिंह साठोत्तरी के दौर के महत्वपूर्ण कहानीकार हैं. हिन्दी आलोचना में भी इन्होने कई गंभीर काम किये हैं. इस १७ अक्टूबर को दूधनाथ जी अपने जीवन के ७५ वर्ष पूरे कर रहे हैं. जन्म दिन के इस विशेष अवसर पर हम प्रस्तुत कर रहे हैं दूधनाथ जी की कहानी ‘रीछ’, उनकी लेखन प्रक्रिया पर […]

Rajesh Nayak

(ON THE 111th BIRTH CENTENARY OF JAYAPRAKASH NARAYAN: A TRIBUTE) J.P. and His Total Revolution : Concept and Reality One of the stalwarts of India’s freedom struggle, Jayapraksh Narayan quite often symbolized in different degrees the rich heritage of successive stages through which India’s freedom struggle progressed as well as of the reconstruction of an […]

शिरोमणि महतो

जन्म : 29 जुलाई 1973 शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी) प्रथम वर्ष सम्प्रति : अध्यापन एवं ‘‘महुआ’’ पत्रिका का सम्पादन    प्रकाशन : कथादेश,  हंस,  कादम्बिनी,  पाखी,  वागर्थ,  कथन,  समावर्तन, द पब्लिक एजेन्डा,  समकालीन भारतीय साहित्य, सर्वनाम, युद्धरत आम आदमी, शब्दयोग,  लमही,  पाठ, पांडुलिपि,  हमदलित,  कौशिकी, नव निकष,  दैनिक जागरण ‘पुनर्नवा’ विशेषांक,  दैनिक हिन्दुस्तान, जनसत्ता विशेषांक, […]

रामविलास शर्मा

  प्रख्यात आलोचक रामविलास शर्मा का जन्मसदी वर्ष है यह २०१२. एक बेहतर आलोचक के अलावा रामविलास जी एक बेहतर कवि भी थे. रामविलास जी ने अपने आलोचकीय विवेक से न केवल निराला की काव्य प्रतिभा को एक निश्चित रूप-आधार प्रदान किया अपितु केदार नाथ अग्रवाल से समय समय पर होने वाले पत्राचार में कविता […]

ज्योति चावला

5 अक्टूबर 1979 को दिल्ली में जन्म। युवा पीढ़ी में कहानी और कविता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण नाम। कविताएं सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित और प्रमुखता से प्रकाशित। कविताओं का पंजाबी, मराठी और उड़िया में अनुवाद। कई पत्रिकाओं में कविताओं की विशेष रूप से प्रस्तुति। अभी तक पांच कहानियां प्रगतिशील वसुधा, रचना समय और नया […]