प्रेमनंदन

           जन्म- 25 दिसम्बर 1980, फरीदपुर, हुसेनगंज, फतेहपुर (उ0प्र0) शिक्षा- एम0ए0(हिन्दी), बी0एड0। व्यवसाय- अध्यापन। लेखन-1995-96 से कविता,लघु कथा, कहानी, व्यंग्य, समसामायिक लेख आदि विद्याओं में। प्रकाशन- काव्य संग्रह- सपने जिंदा हैं अभी-2005, विभिन्न सहयोगी संकलनों में कवितायें प्रकाशित। परिचय- लेखन और आजीविका की शुरुआत पत्रकारिता से। लगभग दो वर्षों तक पत्रकारिता करने तथा कुछ वर्षों […]

विवेक निराला

विवेक निराला का जन्म ३० जून १९७४ को इलाहाबाद में हुआ. विवेक ने इलाहाबाद विश्वद्यालय से दूध नाथ सिंह के निर्देशन में ‘आधुनिक हिंदी साहित्य में शोषण विरोधी चेतना’ (निराला साहित्य के विशेष सन्दर्भ में) पर शोध कार्य किया. राजकमल प्रकाशन से कविता संग्रह ‘एक बिम्ब है यह’ और लोकभारती प्रकाशन से एक आलोचना की […]

विजेंद्र

  प्रगतिशील जनवादी पुनर्जागरण की आवश्यकता                                                                                                             प्रलेस बना 1936 में । आज़ादी मिली 1947 में । पर निराला 1923 में शोषित -उत्पीड़ित जनता के, ‘दुख के बंधन‘ तोड़ने को स्वतंत्रता का पाठ कर रहे थे – ‘स्वतंत्रता का पाठ हम करते दुख के बंधन तोड़ें‘ ।  इसी समय उनकी दृष्टि भूख से त्रस्त लोगों […]

शैलजा

किताबी सिद्धांतों और नियमों से इतर जीवन को महसूस करते हुए लिखी गयी कविता ही वास्तविक कविता होती है. उसमें कहीं कोई बनावट नहीं होती बल्कि  उसमें जीवन की सघन संवेदनाएं अनुस्यूत होती हैं. हिन्दी कविता अब इस बात पर गर्व कर सकती है कि उसमें समाज के अब तक उपेक्षित एवं शोषित तबके अपनी […]

शेखर जोशी: जन्म दिन विशेष – 8

अब तक आपने शेखर जोशी पर युवा मित्रों के आलेख पढ़े. शेखर जोशी जन्म दिन विशेष की आखिरी कड़ी में आज प्रस्तुत है विश्वनाथ त्रिपाठी का आलेख जो न केवल हमारे समय के वरिष्ठ आलोचक हैं अपितु वे शेखर जी के घनिष्ठ मित्रों में से एक हैं. यद्यपि यह आलेख २००३ में ही छप चुका […]

शेखर जोशी जन्मदिन विशेष -7

शेखर जोशी जन्मदिन विशेष के क्रम में सातवीं कड़ी में आज प्रस्तुत है युवा कवि अच्युतानंद मिश्र का आलेख ‘क्या सचमुच नौरंगी बीमार है.’ अच्युतानंद मिश्र क्या सचमुच नौरंगी बीमार है?                                                                  शेखर जोशी नयी कहानी दौर के संभवतः अकेले ऐसे कथाकार हैं जिन्होंने उपन्यास नहीं लिखा. शेखर जोशी की कहानियों में मनुष्य के नैतिक […]

शेखर जोशी: जन्म दिन विशेष -6

 शेखर जोशी जन्म दिन विशेष के क्रम में प्रस्तुत है शेखर दादा की एक चर्चित कहानी ‘दाज्यू’ दाज्यू शेखर जोशी   चौक से निकल कर बाईं ओर जो बड़े साइनबोर्ड वाला छोटा कैफे है वहीँ जगदीश बाबू ने उसे पहली बार देखा था. गोरा-चिट्टा रंग, नीली शफ्फाक आँखें, सुनहले बाल और चाल में एक अनोखी […]

शेखर जोशी: जन्म दिन विशेष -5

शेखर जोशी जन्म दिन विशेष की पांचवी कड़ी में प्रस्तुत है शैलेय का आलेख ‘कोसी का घटवार यानी प्रेम नदी का सागर’ शैलेय कोसी का घटवार यानी प्रेम नदी का सागर प्रेम जहां सघन हो जाता है तो उसमें सहज ही एक प्रकार की आत्मीय सादगी आ जाती है। सादगी का यह औदार्य ही शेखर […]

शेखर जोशी: जन्म दिन विशेष-4

शेखर जोशी: जन्म दिन विशेष पर प्रस्तुति के क्रम की चौथी कड़ी के अंतर्गत आज पढ़िए गायत्री सिंह का आलेख ‘कृषि, कृषक और शेखर जोशी’    गायत्री सिंह कृषि, कृषक और शेखर जोशी स्वतंत्र भारत में भी विकास की लंबी-चौड़ी योजनाओं से जनता को विकास के मोह में बांधने की कोशिश की गयी, परन्तु जल्द […]

शेखर जोशी: जन्म दिन विशेष-3

शेखर दादा ने आज के दिन अपनी उम्र का अस्सीवाँ पड़ाव पूरा कर लिया. संयोगवश अभी कल ही दादा के नए कविता संग्रह ‘न रोको उन्हें शुभा’ का इलाहाबाद में विमोचन हुआ साथ ही उन्हें उल्लेखनीय साहित्यिक सेवाओं के लिए ‘मीरा स्मृति सम्मान’ से नवाजा गया. इलाहाबाद का समूचा साहित्यिक तबका इस समारोह का साक्षी […]