नरेश सक्सेना से उमाकांत की बातचीत

  मुक्तिबोध ने हिंदी कविता की संरचना और विचार  को तोड दिया था महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में 12 मई 2012 को शोधार्थी उमाकांत ने अभी हाल ही में कवि नरेश सक्सेना से एक साक्षात्कार लिया था. यह साक्षात्कार बहुवचन के संयुक्तांक ३३-३४ में प्रकाशित हुआ है. इसे हम पहली बार के पाठकों के […]

विजेंद्र

हिमाचल प्रदेश से देवेन्द्र गुप्ता के सम्पादन में एक पत्रिका छपती है – सेतु। इसका  जुलाई-दिसम्बर 2012 अंक कवि विजेन्द्र पर केन्द्रित है। इस अंक में विजेन्द्र जी की कविता पर मेरा भी एक आलेख है- ‘समय की लहरें हर पल मुझसे टकराती हैं।’ इस लेख पर बिल्कुल अभी अभी कवि विजेन्द्र का एक आत्मीयता […]

उमा शंकर चौधरी

  युवा  कवि  उमाशंकर चौधरी को साहित्य  एकेडेमी  का  ‘पहला  युवा  सम्मान २०१२’ भुवनेश्वर में २५ अगस्त २०१२ को एकेडेमी के  अध्यक्ष सुप्रसिद्ध साहित्यकार सुनील गंगोपाध्याय के हाथों  प्रदान किया  जाएगा. उमाशंकर को इस सम्मान के लिए ‘पहली बार’ की और से बधाई. इस अवसर पर हम उमाशंकर की कुछ ताजातरीन कवितायें प्रस्तुत कर रहे हैं. […]

ए .अयप्पन

   ( चित्र-ए .अयप्पन) इस पोस्ट के साथ हम एक नया कालम प्रस्तुत कर रहे हैं ‘बोली-बानी’. इसके अंतर्गत विभिन्न भारतीय भाषाओं के कवियों और उनकी कविताओं का परिचय कराया जाएगा.मलयालम भाषा के कवि ए. अयप्पन और उनकी कविताओं से हमें रु-ब-रू करा रहे हैं हमारे मित्र कवि संतोष अलेक्स. वरिष्ठ मलयालम कवि । 1947 को केरल में जन्म । बचपन में ही माता पिता का देहांत। बडी दीदी की परिवार ने पालन पोषण किया। कुछ समय प्राइवेट […]

विपिन चौधरी

पहली बार पर आप विपिन चौधरी की कवितायें पहले ही पढ़ चुके हैं. इस बार प्रस्तुत है विपिन की कहानी ‘लोग कहते हैं.’   लोग कहते हैं कई दिनों बाद आज दोपहर के वक्त देवपुरा गांव के ऊपर बिजली देवी की मेहरबानी हुई है. वर्ना अक्सर तो रात को एक दो घंटों के लिए खेतों […]

महेश चन्द्र पुनेठा

पहली बार हमने एक नयी श्रृंखला प्रारम्भ की है जिसके अंतर्गत एक कवि की कवितायें दूसरे कवि की टिप्पणी के साथ प्रस्तुत की जा रही हैं. इसी क्रम में प्रस्तुत हैं महेश चन्द्र  पुनेठा की कवितायें शैलेय की टिप्पणी के साथ. महेश चन्द्र पुनेठा लोक के बहुत गहरे कवि हैं। गौरतलब है कि उनके यहां […]