रमाकान्त द्विवेदी ‘रमता’

थाती में आज प्रस्तुत है जन कवि रमाकान्त द्विवेदी ‘रमता जी’ की दो कविताएं. जो अन्ना आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में समीचीन हैं.     रमाकान्त  द्विवेदी  ‘रमता’ हमनी साथी हईं हमनी देशवा के नया रचवइया हई जा. हमनी साथी हईं, आपस में भईया हईं  जा हमनी हई जा जवान,  राहे  चली सीना तान  हमनी जुलुमिन से पंजा लड़वईया हईं जा  सगरे हमनी के दल, गाँव नगर हलचल  हमनी  चुन चुन कुचाल मेटवइया हईं जा  झंडा हमनी के लाल  तीनो काल में कमाल  सारे  झंडा  ऊपर  झंडा उड़वइया   […]

प्रणय कृष्ण

(भ्रष्टाचार-विरोधी आन्दोलन पर प्रणय कृष्ण की लेखमाला की आख़िरी किस्त) प्रणय कृष्ण यह जनता की जीत है It is not enough to be electors only. It is necessary to be law-makers; otherwise those who can be law-makers will be the masters of those who can only be electors.” -Dr.Ambedkar ( “महज मतदाता होना पर्याप्त नहीं […]

संतोष कुमार चतुर्वेदी

 मित्रो, अपनी एक तरोताजी रचना के साथ मैं आपसे मुखातिब हूँ. कविता कैसी बन पडी है  इस पर आप  के बेबाक सुझावों की हमें उत्सुकता से प्रतीक्षा रहेगी.  संतोष कुमार चतुर्वेदी  घड़ी बहुत जिद्दी है मेरी घड़ी  चाहे जितनी बार मिलाओ इसे किसी दूसरी  घड़ी आकाशवाणी या दूरदर्शन के समय से हर बार यह अपना […]

प्रणय कृष्ण

प्रणय कृष्ण अन्ना,अरुंधती एवं देश      (पेश है, अन्ना हजारे की अगुवाई में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन पर अभी चल रही बहस को समेटता यह प्रणय कृष्ण के लेखमाला की यह दूसरी किस्त) आज अन्ना के अनशन का आठवाँ दिन है. उनकी तबियत बिगड़ी है. प्रधानमंत्री का ख़त अन्ना को पहुंचा है. अब वे जन लोकपाल […]

प्रणय कृष्ण

प्रणय  कृष्ण   आज की आलोचना के मुख्य स्वर प्रणय कृष्ण का  जन्म  इलाहाबाद में २० नवंबर 1965 को हुआ था.  इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम ए करने के पश्चात् इन्होंने जे  एन यू से  एम फिल किया. १९९३-१९९४ में जे  एन यू छात्र संघ के अध्यक्ष बने. २००७ में प्रणय  ने अपना शोध  कार्य पूरा किया जो ‘उत्तर औपनिवेशिकता  के श्रोत’ नाम से  प्रकाशित और  चर्चित हो चुकी है. इनकी एक और  पुस्तक ‘अज्ञेय का काव्य: प्रेम और मृत्यु’  २००५ में प्रकाशित हो चुकी है. आजकल इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में एसोसिएट  प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत  हैं साथ ही वैचारिक पत्रिका  समकालीन जनमत का संपादन और लेखक संगठन जसम के […]

हीरा लाल

हीरा लाल हीरा लाल का  जन्म  इलाहाबाद   के ऊँचामंडी मुहल्ले   में १ जनवरी 1949 को  एक  सामान्य परिवार में हुआ. घरेलू परिस्थितियों  के चलते  हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास करने के बावजूद आगे की पढ़ाई नहीं कर सके. बहुत दिनों तक मिठाई बेच कर जीविकोपार्जन करते रहे. अभी हाल  ही में इनका पहला कविता संग्रह ‘कस में  हीरा लाल’ प्रकाशित हुआ है. हीरा लाल की कवितायेँ सहज-सरल होने  के बावजूद अपने कथ्य में सघन होती हैं. इन्होने अपनी काव्य भाषा  ईजाद  की है,  बिलकुल अपनी. जो  जीवन से गहरे  जुड़ाव और तमाम जद्दोजहद से ही मिल पाती है.  दरअसल किसी किस्म की  बनावट से कोसो दूर हीरालाल कबीर की गोती के हैं और इनकी जात आदमी की हैं. इसीलिए एक  बेबाकी इनकी कविताओं में दिखायी पड़ती हैं संपर्क: ७६, मीरा गली, दारागंज, इलाहाबाद. उत्तर प्रदेश. गोती कबीर के     कुछ न मिला तो  सत्तू खाऊँगा कोई  न मिला तो अपनों से बतियाऊंगा  आदमी को भजूंगा आदमी का ही हो जाऊँगा  जात हमारी […]

हिमांगी त्रिपाठी

हिमांगी त्रिपाठी उत्तर  प्रदेश  के बुंदेलखंड अंचल  के सर्वाधिक्  पिछडे  जनपद  चित्रकूट की हिमांगी ने अभी-अभी हिंदी से  एम ए किया है. साथ ही  इन्होने  यू जी सी की नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की है. एक ऐसे रुढ़िवादी  मानसिकता वाले जगह जहाँ लड़कियों को अपने मन से कुछ  भी सोचने -कहने-करने की आजादी नहीं है हिमांगी ने अपनी कविताओं के माध्यम   से  कुछ कहने की हिमाकत की है. इनकी कविताओं में अभी पर्याप्त अनगढ़पन है जैसाकि शुरू-शुरू में होना चाहिए. ‘किसलय’ के अंतर्गत हम ऐसे  रचनाकारों को प्रकाशित  करेंगे  जिन्होंने  रचना की दुनिया में पहला कदम रखा है. इसी क्रम में प्रस्तुत है हिमांगी की कविता ‘मेरी जिन्दगी’ जिसमें इस आंचलिक स्त्री जीवन की एक सोच, जिसमें वह तमाम जकड़बंदियों से घिरी है  दिखाई  पड़ेगी. जिन्दगी जो उसकी […]

महेश चन्द्र पुनेठा

   महेश का जन्म 10 मार्च 1971 को उत्तराखंड  के पिथौडागढ  जिले  के लम्पाटा नामक गाँव में हुआ.  राजनीति शास्त्र में परास्नातक  करने के पश्चात  इनका  राजकीय इंटर कालेज में  प्रवक्ता पद(एल टी ग्रेड) पर चयन हो गया.अभी हाल ही में इनका पहला कविता संग्रह ‘भय अतल में’ प्रकाशित हुआ है जो काफी चर्चा में रहा है. संपर्क- जोशी भवन, निकट लीड बैंक,  पिथौडागढ, उत्तराखंड.    मोबाइल- 09411707470.   युवा कवियों में महेश अपने कथ्य और शिल्पगत प्रयोग के लिए जाने जाते हैं. महेश जीवन में घटने वाला   […]